शिक्षक विद्यालय गुणी, करें छात्र उद्धार। जीवन के हित साधते, मानवता आधार।
जीवन को देते दिशा,कर निर्माण चरित्र। अवगुण को जड़ से मिटा, सब कुछ करें पवित्र।
सत्य है, विद्यालय ही वह स्थान है, जहाँ व्यक्तित्व निर्माण की आधार शिला रखी जाती है |
जिस प्रकार कुम्हार मिट्टी को परख कर उसके दोषों को दूर कर उसे सुंदर आकार देता है | उसी प्रकार वेंकटेश्वर सिग्नेचर स्कूल भी छात्रों के गुण-दोषों को ध्यान में रखते हुए उनके श्रेष्ठ नागरिक बनने और व्यक्तित्व निर्माण में अहम् भूमिका निभाता है |
शिष्टाचार, सच्चाई का साथ देना,आपसी प्रेम और सहयोग से रहना जैसे गुणों का विकास इस विद्यालय में किया जाता है | वेंकटेश्वर सिग्नेचर स्कूल अनेक प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों की छिपी हुई प्रतिभा को निखारकर उसमें आत्मविश्वास उत्पन्न कर सही-गलत के अंतर को पहचानते हुए निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है।
यह विद्यालय शहर की भीड़-भाड़ से दूर शांत स्थान में विद्यमान है|यहाँ विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विकास के लिए समय-समय पर अनेक कार्यक्रम होते है। जिनमें सभी विद्यार्थी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
कक्षा में आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षकों के द्वारा विषय को रुचिकर बनाकर के छात्रों को सरल और सहज रूप से शिक्षित किया जाता है | वेंकटेश्वर सिग्नेचर स्कूल छात्रों के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध होकर अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए विकास पथ पर अग्रसर है|

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