यह विद्यालय ज्ञान का मंदिर है….
इसके ज्ञानरूपी दिव्य-ज्योति से हमारा जीवन जगमगा उठता है |
हम सब ज्ञान के साधक है, और नित्य हम इसकी साधना में डूबे रहते है,
इस मंदिर की पवित्रता, निष्ठा, शांति और गरिमा को बनाये रखना हमारा परम कर्तव्य हैं।
भविष्य निर्माता है हमारा विद्यालय…
ज्ञान बढ़ाकर हमारा जीवन देते है, संवार ।
मात-पिता, गुरुजन, मित्र – सखा देते हैं, प्यार
जीवन के अनभिज्ञ पहलुओं से कराते है, हमें साक्षात्कार ।
जहाँ अपनी मातृभूमि के लिये कुछ कर जाने की चलती है, बयार
छोटो को प्यार और बड़ो को दें सम्मान ऐसा मिलता है, संस्कार ।
अतिथि देवो भव की भावना से करते है, अतिथियों का सत्कार |
ललित कला सँग खेल-कुद करते हैं, नित्य अभ्यास ।
हमारा विद्यालय है सर्वोपरि जहाँ मिलता है, ज्ञान अपार |

यह विद्यालय ज्ञान का मंदिर है….